जब जिम्मेदार ही नदारद, तो कैसे होगा समस्याओं का समाधान
रायबरेली। शासन की मंशा है कि संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका त्वरित निस्तारण किया जाए, लेकिन गदागंज थाना परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में यह मंशा पूरी होती नजर नहीं आई। यहां कुल तीन शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन एक भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। ऐसे में फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
समाधान दिवस में शिकायतों का निस्तारण न होने से राजस्व विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं रहेंगे, तो फरियादियों की समस्याओं का समाधान आखिर कैसे होगा? लोगों का कहना है कि समाधान दिवस का उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है, जब संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उनके निस्तारण के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
शासन की प्राथमिकता वाले इस आयोजन में शिकायतों के त्वरित निस्तारण की अपेक्षा की जाती है। इसके बावजूद तीन शिकायतों में से एक का भी समाधान न होना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने से उन्हें मायूसी हाथ लगती है। ऐसे में समाधान दिवस की उपयोगिता और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है गदागंज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान थाना प्रभारी बालेन्दु गौतम, कानूनगो हरिप्रकाश त्रिवेदी, लेखपाल अमित तिवारी तथा लेखपाल समरीन फातिमा उपस्थित रहीं