जला ट्रांसफार्मर बदला तो एक घंटे में ही फिर हुआ खराब, ग्रामीण बोले—अधिकारी सिर्फ आश्वासन देने तक सीमित
रायबरेली। गदागंज विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के धमधमा गांव में विद्युत विभाग की लापरवाही का खामियाजा करीब 100 घरों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में चार दिन पहले ट्रांसफार्मर जल गया था, जिसके बाद से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। विभाग ने जले ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर लगाया, लेकिन वह भी महज एक घंटे चलने के बाद खराब हो गया। इसके बाद से गांव में बिजली व्यवस्था फिर से ठप है।
कई दिनों से बिजली न मिलने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि बिजली के अभाव में घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं। वहीं, पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। बिजली नहीं होने से पेयजल और घरेलू जरूरतों के लिए ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति खासा आक्रोश है। उनका सवाल है कि जब पहला ट्रांसफार्मर जलने के बाद विभाग ने दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया तो उसकी जांच और गुणवत्ता पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया? आखिर एक घंटे में ही ट्रांसफार्मर खराब होने के पीछे जिम्मेदार कौन है और ग्रामीणों को इतने दिनों तक अंधेरे में रहने के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद विभाग की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। अधिकारी लगातार जल्द ट्रांसफार्मर बदलवाने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन गांव की बिजली व्यवस्था अभी भी बहाल नहीं हो सकी है।
इस संबंध में अवर अभियंता नितेश दुबे ने बताया कि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदलवाकर विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी अब सवाल यह है कि चार दिन से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और खराब ट्रांसफार्मर लगाने के मामले में जिम्मेदारी तय कर विभाग कार्रवाई कब करेगा?