अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की बैठक आयोजित: आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन और सदस्यता अभियान पर हुआ मंथन।
शाहजहांपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सभागार में अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। बैठक में संगठन के सदस्यता अभियान को गति देने तथा भारत सरकार की मंशा के अनुरूप पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन एवं जनस्वास्थ्य में इसकी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
विदेशी शासनकाल में उपेक्षा के खिलाफ एकजुट हुआ था महासम्मेलन: बैठक को संबोधित करते हुए महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष डॉ. विजय जौहरी ने आयुर्वेद के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में विदेशी शासनकाल के दौरान जब आयुर्वेद की शिक्षा, चिकित्सा और औषधि निर्माण की उपेक्षा हो रही थी, तब देशभर के वैद्यों और आयुर्वेदाचार्यों ने संगठित होकर वर्ष 1907 में अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की स्थापना की थी।
डॉ. जौहरी ने कहा कि महासम्मेलन के दशकों लंबे संघर्ष के कारण ही 1970 में संसद द्वारा ‘भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम’ पारित हुआ, जिससे आयुर्वेद शिक्षा (BAMS, MD, MS, PhD) और चिकित्सकों के पंजीकरण को कानूनी व राष्ट्रीय मानक प्राप्त हुए।
जनस्वास्थ्य और सरकारी अभियानों में निभाएंगे सक्रिय भूमिका: डॉ. विजय जौहरी ने स्पष्ट किया कि महासम्मेलन हमेशा की तरह केंद्र व राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीतियों का सहयोगी रहेगा। उन्होंने सभी आयुर्वेदिक चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे शासन-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, जन-जागरूकता अभियानों, रोग नियंत्रण, टीकाकरण और स्वास्थ्य शिविरों में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराएं, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम में वितरण और उपस्थिति: समारोह के दौरान विर्गो यू.ए.पी. फार्मा प्रा. लि. के राजीव शर्मा एवं सिंह एजेंसी के प्रोप्राइटर सरदार सर्वजीत सिंह ने उपस्थित डॉक्टरों को आयुर्वेदिक प्रचार सामग्री वितरित कर आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. एस. पी. कौशल, डॉ. मुकेश कुमार (प्रभारी आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर), डॉ. हेमेंद्र वर्मा, डॉ. आर. पी. सक्सेना, डॉ. अविनाव श्रीवास्तव, डॉ. सुमन अग्रवाल, डॉ. पल्लवी सक्सेना, डॉ. रचना रस्तोगी, डॉ. सूफिया, डॉ. रजत सक्सेना, डॉ. अभिनव सक्सेना, डॉ. अतुल जोहरी, डॉ. रवि सक्सेना, डॉ. राजीव वर्मा, डॉ. मुजीब, डॉ. राजेंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में जिले के आयुर्वेदिक चिकित्सक उपस्थित रहे।