तिलहर नगर पालिका में नाला सफाई कार्य पर अधिवक्ता ने लगाया अनियमितताओं का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग।
तिलहर/शाहजहाँपुर। नगर पालिका परिषद तिलहर द्वारा कराए जा रहे नाला सफाई कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता राजेश्वर सिंह ने अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नालों से निकाले गए मलवे और अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया, बल्कि उसे नालों के किनारे ही छोड़ दिया गया है। इससे बरसात के दौरान वही मलवा दोबारा नालों में बहकर पहुंच रहा है, जिससे पूरे सफाई अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह स्थिति जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और नगर निकाय की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित क्षेत्र की लगभग 15 वर्ष पुरानी सड़क पूरी तरह जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों के आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इसे नगर पालिका द्वारा आधारभूत नागरिक सुविधाओं के रखरखाव में लापरवाही बताया गया है।
अधिवक्ता ने मांग की है कि मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक संबंधित ठेकेदार के लंबित भुगतान पर रोक लगाई जाए, नालों के किनारे पड़े मलवे का तत्काल विधिसम्मत निस्तारण कराया जाए तथा जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण की समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, कार्य में लापरवाही या अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने कहा कि जनहित और लोकधन की सुरक्षा प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण का संवैधानिक दायित्व है तथा प्रकरण का शीघ्र और पारदर्शी निस्तारण किया जाना चाहिए।