सिंचाई विभाग बेपरवाह , गौरा माइनर की सफाई के लिए किसानों ने खुद उठाया फावड़ा
रायबरेली डलमऊ पंप नहर के अंतर्गत आने वाली गौरा माइनर में लंबे समय से साफ-सफाई न होने के कारण नहर जलकुंभी और बड़ी-बड़ी घास से पूरी तरह पट गई है। इससे माइनर में पानी का प्रवाह बाधित हो गया है और क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
विभागीय उदासीनता से नाराज किसानों ने आखिरकार खुद ही एकजुट होकर गौरा माइनर की सफाई शुरू कर दी। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की सफाई कराई जाती तो उन्हें अपनी फसलों की सिंचाई के लिए इस तरह श्रमदान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
किसान राम बालक, जगदीश, अवधेश, राम आसरे, शंभू, बिहारी, मयंक, समर और शोभा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गौरा माइनर से सुठठ्ठा, आजादपुर, गोपाल सिंह का पुरवा, पूरे गौतमन, हसुपुर, मवाई समेत कई गांवों के किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह निर्भर हैं। लेकिन विभाग की ओर से नियमित सफाई और रखरखाव नहीं किए जाने के कारण नहर में जलकुंभी और घास उग आई है, जिससे पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित विभाग को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर किसानों को स्वयं नहर की सफाई करनी पड़ी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही गौरा माइनर की समुचित सफाई कराकर नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को विवश होंगे।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की है कि गौरा माइनर की तत्काल मशीनों से सफाई कराई जाए तथा नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई का पानी मिल सके और उनकी फसलें प्रभावित न हों।